सेवा को पहली प्राथमिकता मानते हैं इंदु शेखर चतुर्वेदी

सेवा को पहली प्राथमिकता मानते हैं इंदु शेखर चतुर्वेदी

इंदु शेखर चतुर्वेदी नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय में सचिव हैं। प्रशासनिक अधिकारी इंदु शेखर सामाजिक उत्थान का नजरिया रखने वाले मृदुभाषी इंसान हैं। ये सरकार की नीतियों को देश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में विश्वास रखते हैं । 1987 बैच के इंदु शेखर चतुर्वेदी ने औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण करते ही मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात कर कार्य नीतियों आगे बढ़ाने पर जोर दिया। इसके परिणाम स्वरूप नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मंत्रालय अग्रणी भूमिका निभा रहा हैं।

आईएस अधिकारी इंदु शेखर चतर्वेदी का जन्म उत्तर प्रदेश  में 24 अक्टूबर 1962 को हुआ। उन्होंने आईआईटी कानपुर स इेलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद हार्वर्ड यूनिवर्सिटी अमेरिका से  इंटरनेशनल डवेलपमेंट में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की। 1987 में यूपीएससी परीक्षामें उन्हें झारखंड कैडर मिला । बतौर आईएएस उनकी पहली पोस्टिंग एसडीओ लैंड रवेने्यूडिपारम्ट टें मे हुई। 1996-1997 में पहली बार कलक्टर और डीएम बोकारो बनाए गए। व पे श्चिमी सिंहभूम ( चाईबासा ) में भी कलेक्टर रहे । आदिवासी इलाके में उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर काफी सुधार किया और जनजातीय लोगों के उत्थान के लिए काम किया । 2000-2001 कृषि मंत्रालय  में डिप्टी एमडी रह। इस दरमियान उन्होंने कृषि से  जुड़े सुधार में अहम योगदान दिया । 2004 से  2007 तक प्लानिंग कमीशन में प्राइवेट सेक्रेटरी भी रहे।  इसके अलावा श्री इंदु शेखर चतुर्वेदी ने झारखंड सरकार और भारत सरकार में फील्ड एवं नीतिगत स्तर पर विभिन्न पदों पर कार्य किया हैं। वे  राज्य  में एडिशनल चीफ सेक्रेटरी क्लाइमेट चेंज और वन और पर्यावरण रहें। इस दरम्यान उन्होंने राज्य में पर्यावरण संतलनु पर भी काम किया क्योंकि झारखंड खास तौर पर खनिज और वन संपदा स भरपूर राज्य हैं। साथ ही वह प्रधानमंत्री  कार्यालय, आर्थिक कार्य विभाग, वित्त मंत्रालय  में संयक्तु सचिव या समकक्ष पद पर कार्यकिया हैं। उन्हें कार्क, में  लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय  जैसे  अन्य  विभागों में कार्य करने का व्यापक अनुभव प्राप्त हैं । श्री चतर्वेुदी नेवित्तीय प्रबंधन, सामुदायिक संगठन एवं सहभागिता पूर प्रबंधन तकनीकों में भी प्रशिक्षण ग्रहण किया हैं। इंदु शेखर  ने अपने प्रशासनिक प्रशिक्षणों का फायदा उठाते हुए नवीन नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में जोरदार प्रयास जारी रखा हैं । दरअसल नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय  2022 तक 1,75,000 मेगावाट अक्षय ऊर्जा क्षमता हासिल करने के लिए क्रियान्वयन एजेंसियों के कामकाज पर निरंतर नजर रखने और जरूरी मदद कर रहा हैं जिससेकि भारत 2022 तक 1,75,000 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित कर सके। 31 जनवरी, 2021 तक 92,५४० मेगावाटनवीकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित की जा चुकी हैं जो लक्ष्य का 50 परसेंट से थोड़ा अधिक हैं। ऐसेमें बतौर सचिव इंदु शेखर  चतर्वेुदी कर्तव्यनिष्ठा और जिम्मेदारी से  कार्यों का संचालन कर रह हैं ।