प्रशासनिक विशिष्टता की रिकॉर्ड होल्डर जिलाधिकारी हैं शालिनी अग्रवाल
एक महीने में तीन गिनीज रिकॉर्ड बना चुकी हैं ये आईएएस अधिकारी
अपने नाम के अनुरूप ही शालीनता, दृढ़निश्चय और वचनबद्धता के लिए पहचानी जाने वाली प्रतिभा सम्पन्न शालिनी अग्रवाल जनता की सेवा को सर्वोपरि मानती हैं। यही वजह है कि वड़ोदरा के लोगों को किसी भी आपदा या मुसीबत में एक जिलाधिकारी से अधिक पारिवारिक सदस्य की तरह मदद की। हर जगह रिकॉर्ड बनाने वाली इन अधिकारी की लोकप्रियता भी अपने-आप में एक रिकॉर्ड है।
जयपुर में 28 अक्टूबर 1980 को राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी शिव कुमार अग्रवाल के घर शालिनी का जन्म हुआ। जयपुर से ही इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद पिता से प्रेरणा लेकर उन्होंने प्रशासनिक सेवा में जाने का निर्णय लिया। 2005 बैच में उन्हें यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में कामयाबी मिली और गुजरात कैडर मिला।
जून 2006 में शालिनी अग्रवाल दाहोद की असिस्टेंट कलेक्टर फिर गोधरा की एसडीएम बनायी गयीं। उन्होंने गोधरा में ही जिला विकास अधिकारी का पदभार भी संभाला। शालिनी अग्रवाल 2007 से 2012 तक तापी, नडियाद आदि जिलों में विभिन्न प्रशासनिक पदों पर रहीं। सभी पोस्टिंग में उन्होंने अपनी पहचान दायित्वों को कुशलता से निभाने वाली अधिकारी की बनायी।
वर्ष 2012 में शालिनी अग्रवाल की पोस्टिंग अरावली कलेक्टर के पद पर की गयी, जहाँ उन्होंने अपनी कार्यकुशलता से गुजरात के एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेज में एक अलग पहचान कायम की। जून 2017 में उन्होंने तीन गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाये। शालिनी अग्रवाल ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत एक ही जिले में 1500 गर्भवती महिलाओं का एक शिविर लगाया, जो एक विश्व रिकॉर्ड बना। कुछ ही दिनों बाद उन्होंने 3000 छात्रों को एकत्रित कर विश्व का सबसे बड़ा लिफाफा मोजैक बनवाया। इसके बाद प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लिए विश्व का सबसे बड़ा प्रतीक चिन्ह बनावा कर तीन वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किये। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन-तीन विश्व रिकॉर्ड कायम करने के लिए उन्हें विशेष तौर पर सम्मानित किया।
अप्रैल 2018 में उन्हें वडोदरा का जिलाधिकारी बनाया गया, जहाँ उन्होंने विकास की नयी इबारत लिखी। अगस्त 2019 में वड़ोदरा में भारी बारिश और बाढ़ से जल जमाव होने की स्थिति को उन्होने प्रशासनिक प्रतिबद्धता के साथ निभाया और लोगों को जिला प्रशासन से हर संभव मदद मिली। उनके नेतृत्व में मतदाता जागरुकता अभियान की वजह से 2019 के संसदीय चुनावों में वड़ोदरा ने राज्य के मेट्रोपोलिटन शहरों में सबसे ज्यादा वोटिंग का रिकॉर्ड बनाया। बेहतर चुनाव प्रबंधन के लिए शालिनी अग्रवाल को राज्य-स्तरीय 10वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने चुनाव प्रक्रिया में गुजरात की श्रेष्ठतम डीईओ और कलेक्टर के पुरस्कार से सम्मानित किया। कोरोना संकट के समय में वे हर तहसील और जिले के तमाम अधिकारियों से संपर्क में हैं और सरकार की गाइडलाइंस पर सख्ती से काम कर रही हैं।
फेम इंडिया और एशिया पोस्ट द्वारा शानदार , दूरदर्शिता, उत्कृष्ट सोच, जवाबदेह कार्यशैली, अहम फैसले लेने की त्वरित क्षमता, गंभीरता और व्यवहार कुशलता आदि दस मानदंडों पर किये गये सर्वे में गुजरात के वडोदरा के जिलाधिकारी शालिनी अग्रवाल 'विशिष्ट' श्रेणी में प्रमुख स्थान पर हैं।