जवाबदेही से दायित्वों का निर्वहन करने वाले जिलाधिकारी हैं पल्लव गोपाल झा

वे जहां भी रहे, उस जिले को सर्वश्रेष्ठ बना कर दिखाया

जवाबदेही से दायित्वों का निर्वहन करने वाले जिलाधिकारी हैं पल्लव गोपाल झा

सूझ-बूझ के साथ निर्भीकता से कर्तव्यों का निर्वहन करने और जन कल्याणकारी कार्यो की वजह से पल्लव गोपाल झा असम के सबसे लोकप्रिय आईएएस अधिकारियों में शामिल हैं। समय के पाबंद पल्लव झा वर्तमान में डिब्रूगढ़ के उपायुक्त हैं जो कि असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनेवाल और केंद्रीय मंत्री रामेश्वर तेली का गृह जिला है। ऐसे में वहाँ की नियुक्ति उनकी जवाबदेही लेने की क्षमता को स्वतः बयान करती है।

पल्लव गोपाल झा के पिता डॉ यू जी झा रिटायर्ड प्रोफेसर और माँ रिटायर्ड लैक्चरर हैं।  14 जुलाई 1985 को झारखंड के देवघर में उनका जन्म हुआ। शुरुआती पढ़ाई सेंट फ्रांसिस स्कूल, देवघर में हुई। 12वीं उन्होंने देवघर के प्रसिद्ध रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ से की। उन्होंने  दिल्ली यूनिवर्सिटी के टॉप कालेजों में शुमार सेंट स्टीफेंस से फर्स्ट डिवीजन हासिल कर केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन किया और  प्रशासनिक सेवा में जाने का मन बनाया। पल्लव गोपाल झा  2012 बैच में आईएएस चयनित हुए और उन्हें असम-मेघालय कैडर मिला। 

पल्लव गोपाल झा  बतौर  प्रशिक्षु असम में कुछ पदों पर रहे। इसी दौरान राज्य में पांच नये जिले बनाये गये और वे इनमें एक विश्वनाथ के पहले डिप्टी कमिश्नर बनाये गये। 2014 में  जिले में जनजातीय हिसा और उग्रवादियों के हमले पर पल्लव गोपाल ने बड़ी सख्ती से काबू पाया,और उनकी पहचान एक निर्भीक आईएएस के तौर पर होने लगी। उन्होंने वहाँ लैंड रिकॉर्ड दुरुस्त करवाने, ई-गर्वनेंस को बेहतर तरीके से लागू करवाने के अलावा जनजातीय समुदायों के विकास के लिए कई अन्य कार्य किये।  उनके उत्कृष्ट नेतृत्व में जिला विश्वनाथ ने मुख्यमंत्री उत्कृष्टता अवार्ड प्राप्त किया। 

वर्ष 2016 में पल्लव गोपाल झा को मजौली जिले का डीसी बनाया गया, जहाँ आयी बाढ़ के समय उनके राहत और बचाव के लिए किये गये कार्यों की चर्चा आज भी की जाती है। वर्ष 2018 में  उनका ट्रांसफर शिवसागर जिले में बतौर डीसी  किया गया, जहाँ  नागरिकता संशोधन बिल के बड़े विरोध प्रदर्शन को उन्होंने प्रशासनिक सूझबूझ के साथ नियंत्रित किया।
 
अक्टूबर 2019 में पल्लव गोपाल झा डिब्रूगढ़ जिले के उपायुक्त बनाये गये। मुख्यमंत्री का गृह जिला होने के नाते जवाबदेही बड़ी थी, लेकिन नौ महीने से भी कम समय में वहाँ अपना प्रशासनिक कौशल प्रदर्शित कर लोकप्रिय जिलाधिकारियों में शामिल हुए। जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण और वेस्ट मैनेजमेंट आदि पर प्रभावी कार्य किया। परिणाम ये हुआ कि उनके नेतृत्व में डिब्रूगढ़ जिले ने राज्य सरकार से " पोषण अभियान अवॉर्ड", "स्वच्छता ही सेवा-2019 अवॉर्ड"  में श्रेष्ठ जिले का सम्मान प्राप्त किया। प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट में उत्कृष्ट कार्यों के लिए वर्ष 2020 में उन्हें जल शक्ति मंत्रालय, भरत सरकार से सम्मान प्राप्त हुआ। पल्लव गोपाल झा कोरोना संक्रमण के दौर में भी डिब्रूगढ़ में काफी बेहतर काम कर रहे हैं।  

फेम इंडिया और एशिया पोस्ट द्वारा शानदार गवर्नेंस, दूरदर्शिता, उत्कृष्ट सोच, जवाबदेह कार्यशैली, अहम फैसले लेने की त्वरित क्षमता, गंभीरता और व्यवहार कुशलता आदि दस मानदंडों पर किये गये सर्वे में डिब्रूगढ़ के उपायुक्त पल्लव गोपाल झा को  "जवाबदेह"  श्रेणी में प्रमुख स्थान पर पाया गया है।