समाज के लिए बेहतर करने को उत्सुक हैं जिलाधिकारी नवल किशोर राम
देश भर में हो रही है इनके पुणे मॉडल की चर्चा
आशावादी और गंभीर स्वभाव, मेहनत से इस मुकाम को हासिल करने वाले नवल किशोर राम की प्रशासनिक सेवा का मूल उद्देश्य आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाना है। 2008 बैच के महाराष्ट्र कैडर के आईएएस अधिकारी नवल किशोर राम वर्तमान में पुणे के कलेक्टर हैं। प्रदेश में उनकी गिनती वैसे दूरदर्शी अफसरों में होती है जो अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित हैं।
नवल किशोर राम का जन्म 15 सितंबर 1977 को बिहार के मोतिहारी में एक साधारण परिवार में हुआ। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से ग्रैजुएशन करने के बाद इतिहास में मास्टर्स डिग्री हासिल की। आईएएस बनने का लक्ष्य उन्होंने बचपन में निर्धारित कर लिया था। 2008 बैच में वे सिविल सर्विस में सफल रहे और उन्हें महाराष्ट्र कैडर मिला। निर्भीक और चुनौतियों से मुकाबला करने में निपुण नवल किशोर का करीयर भी शानदार रहा है।
बुलंद हौसले के साथ सही फैसला लेने वाले नवल किशोर राम की पहली पोस्टिंग नांदेड़ के किनवात नगर परिषद में सीईओ के तौर पर हुई। वहाँ एक वाकये में अतिक्रमणकारियों ने उन पर जानलेवा हमला कर बुरी तरह घायल कर दिया, परन्तु उन्होंने हौसला नही खोया और निडरता से कार्रवाई करवायी। उन्हें महाराष्ट्र के कई जिलों में अहम जिम्मेदारियां मिलीं जिनमें यवतमाल में जिला परिषद के सीईओ का पद भी शामिल था। नवंबर 2013 में वे बीड जिले के कलेक्टर बनाये गये। वहां उन्होंने दलितों और आदिवासियों को मुख्य धारा से जोड़ने और उनके विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। जिले में सूखे से निपटने और सिचाई से संबंधित कई प्रभावकारी योजनाएं चलायीं। अप्रैल 2017 में उन्हें औरंगाबाद का जिलाधिकारी बनाया गया जहां उन्होंने कचरे के निस्तारण, स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा पर विशेष कार्य किया। औरंगाबाद में कचरे से कम्पोस्ट बनवाने का कार्य भी शुरू करवाया, जिससे स्वच्छता के साथ कृषि को भी मदद मिलने लगी।
अप्रैल 2018 में नवल किशोर राम को पुणे का डीएम बनाया गया। बतौर कलेक्टर उन्होंने महाराष्ट्र की सांकृतिक राजधानी स्मार्ट सिटी पुणे की व्यवस्था को जोरदार तरीके से सुधारने के लिए ट्रैफिक, रोड सेफ्टी, लॉ एंड आर्डर, स्वच्छता व सर्वांगीन विकास पर ध्यान दिया। उन्होंने कोरोना संकट में संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए मजबूत निर्णय लिये जिससे पुणे मॉडल की चर्चा चारों तरफ हुई। एजुकेशन हब पुणे से दूसरे राज्यों के छात्रों की घर वापसी के काम को लॉकडाउन में उन्होंने खुद अपनी देख रेख में करवाया। ऐसे में बतौर बेहतर जिलाधिकारी नवल किशोर राम के प्रशासनिक कौशल की सराहना हो रही है।
फेम इंडिया और एशिया पोस्ट द्वारा शानदार गवर्नेंस, दूरदर्शिता, उत्कृष्ट सोच, जवाबदेह कार्यशैली, अहम फैसले लेने की त्वरित क्षमता, गंभीरता और व्यवहार कुशलता आदि दस मानदंडों पर किये गए सर्वे में महाराष्ट्र पुणे के जिलाधिकारी नवल किशोर राम 'बेहतर' श्रेणी में प्रमुख स्थान पर हैं।