छोटी उम्र से ही बड़ी जिम्मेदारी संभालने के काबिल हैं पुनीत गोयनका
छोटी उम्र से ही बड़ी जिम्मेदारी संभालने के काबिल हैं पुनीत गोयनका
नयी सोच के युवा व्यवसायी पुनीत गोयनका एक ऐसे ब्रॉडकास्टर हैं जिन्होंने अपनी बहुत बड़ी पहचान बहुत जल्दी और बेहद तेजी से बनायी है। उन्होंने ज़ी इंटरटेनमेंट इंटरप्राइजेज लिमिटेड को कठिन समय में भी एक ऐसी ऊंचाई पर ला खड़ा किया है कि ब्रॉडकास्टिंग जगत में नयी सनसनी बन गये हैं। हालांकि उन्होंने बचपन से ही इस उद्योग और चैनल समूह को तरक्की की सीढ़ियां चढ़ते काफी नजदीक से देखा है, लेकिन जब बागडोर उनके हाथों में आयी तो उन्होंने उन सभी बंधनों को खोल दिया जो उनकी दूरदर्शी नजरिये में बेकार थे।
पुनीत ने 1995 में मुंबई विश्वविद्यालय से बी.कॉम की डिग्री हासिल कर ज़ी ग्रुप ज्वाइन किया। दो साल तक ज़ी टेलेफिल्म्स लिमिटेड का कार्यभार देखने के बाद उन्होंने डिश टीवी ज्वाइन किया, फिर 2005 में बतौर बिजनेस हेड ज़ीईईएल ज्वाइन किया था और 2008 में सीईओ बने। जब ज़ी ग्रुप ने 2013 में बीस वर्ष पूरे किये तो पुनीत को मैनेजिंग डायरेक्टर बना दिया गया। उस वक्त उनकी उम्र महज 38 साल थी। जल्दी ही उन्हें ब्रॉडकास्टिंग एंड ऑडिएंस रिसर्च काउंसिल यानी बार्क का भी अध्यक्ष बनने का गौरव प्राप्त हुआ। इस साल उन्हें इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फेडरेशन का अध्यक्ष भी चुना गया है।
उनके नेतृत्व में ज़ी इंटटेनमेंट को 2015 में डन एंड ब्रैडशीट कॉरपोरेट अवॉर्ड, 2013 में आएमसी फ्यूजन अवॉर्ड, 2012 में बिनेसवर्ल्ड इंफोकॉम आईटीसी अवॉर्ड जैसे महत्वपूर्ण पुरस्कार हासिल हो चुके हैं। खुद पुनीत गोयनका को 2014 में इकोनॉमिक टाइम्स का 40 अंडर फोर्टी बिजनेस लीडरशिप अवार्ड, आईएए लीडरशिप अवॉर्ड, एशिया-पैसेफिक एंटरप्रेन्योरशिप अवॉर्ड और इंपैक्ट पर्सन ऑफ द इयर अवॉर्ड मिल चुके हैं। 2015 में सीईओ इंडिया अवॉर्ड और मैडायल डी’ऑनर अवॉर्ड हैं।
भविष्य को देखने-समझने की पुनीत गोयनका की क्षमता ने ज़ी को एक ग्लोबल ब्रैंड बना दिया है। आज दुनिया भर में ज़ी ग्रुप के दर्शकों की संख्या सौ करोड़ का आंकड़ा पार कर चुकी है और इसकी पहुंच दुनिया भर के 170 से भी अधिक देशों में हो गयी है। फेम इंडिया-एशिया पोस्ट मीडिया सर्वे 2017 में पुनीत गोयनका को भारतीय इंटरटेनमेंट मीडिया के एक प्रमुख सरताज के तौर पर पाया गया है।