आंतरिक सुरक्षा के विशेषज्ञ बी. वी. आर. सुब्रमण्यम

आंतरिक सुरक्षा के विशेषज्ञ   बी. वी. आर. सुब्रमण्यम

देश के सबसे सेंसिटिव यूनियन टेरिटरी जम्मू-कश्मीर का चीफ सेक्रेटरी बी.वी. आर सुब्रमण्यम को बनाया गया । दरअसलवे आंतरिक सुरक्षा के विशेषज्ञ माने जाते हैं ।सुब्रमण्यम प्रशासनिक सेवा में सख्त अधिकारी और सुरक्षा के मामले में सतर्क शख्सियत के तौर पर जाने जाते हैं । आईएएस अधिकारी बी़वी.आर.सुब्रमण्यम का जन्म 6 सितंबर 1962 को आंध्र प्रदेश में हुआ था। मेकेनिकल इंजीनियरिंग बैकग्राउंड के सुब्रमण्यम ने लंदनबिजनेस स्कूल से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में एमबीए किया और प्रथम श्रेणी में उत्तीण हुए। उन्होंने इकोनॉमिक्स में वर्न यूनिवर्सिटी से पीजी किया । 
आईएएस बी.वी.आर.सुब्रमण्यम 1987 बैच के छत्तीसगढ़ कैडर के ऑफिसर हैं। सबसे पहले उन्हें धार जिले का कलक्टर बनाया गया। छत्तीसगढ़ में नक्सलियों से  जुडे मसलों को दमदार तरीके से  निपटाने की वजह से वे चर्चा  में आए। 2002 से 2003  तक वे  कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्ट्री में डायरेक्टर के पद पर रह। आईएएस सुब्रमण्यम प्रधानमंत्री  मनमोहन सिंह के कार्यकालमें केंद्र में संयक्तु सचिव रह चुके हैं। मोदी सरकार में भी आईएएस सुब्रमण्यम एक सालदिल्लीमें ज्वाइंट सेक्रेटरी के पद पर थ। इे तना ही नहीं सुब्रमण्यम वाशिंगटन डीसी में वर्ल्ड बैक में सीनियर एडवाइजर भी रह हैं। इसके बाद उन्होंने ने 3 साल तक होम कैडर छत्तीसगढ़ में एसीएस के तौर पर सेवाएं  दी। इन्हे  केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर  का मुख्य सचिव बनाया गया। हिंसा प्रभावित इलाके में अपनी प्रशासनिक अनुभव से  राज्य  में विकास को नई दिशा में नीतिगत फैसलों को जोरदार तरीके सेलागू किया। उन्होंने प्रदेश  की ग्रामीण  आबादी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा की। जल शक्ति विभाग के मतुाबिक मुख्य सचिव के निर्देश पर छह जिलों रियासी, सांबा, पुंछ, पुलवामा, बांदीपुरा और शोपियां में परियोजना को तेज़ी स पूरा करने के प्रयास किये जा रहे  हैं। छत्तीसगढ़में नक्सली प्रभावित इलाकों में पैरा मिलिट्रीफोर्स और पुलिस में बेहतर समन्वय का मिसाल उन्होंने पेश  किया। इससे  बस्ती  में पैरामिलिट्रीफोर्स और पुलिस की कैजुअल्टी कम हुई, जिससे  सुब्रमण्यम की जमकर तारीफ हुई और उन्हें केंद्र शासित प्रदेश  जम्मू कश्मीर  भेजा गया। केंद्र के आदेश  को उहोने  बखूबी लागू किया।  और आतंक प्रभावित जम्मू कश्मीर में शांतिपूर्ण माहौल को कायम करने में दूरदर्शी सेवाएं  दी हैं । आतंकियों को न्यूट्रलाइज करनेमें सरकार काफी हद तक कामयाब हुई हैं । इतना ही नहीं राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव को भी सफलता के साथ पूरा करने में बी.वी.आर .सुब्रमण्यम के अनुभव सेमदद मिली हैं ।